मानव श्रृंखला के अवसर पर मै भी इसका भागीदार बना, लेकिन व्यर्थ की बात रही की इसका विषय था:-
बिहार में पूर्ण रूप से शराब बंदी, इसके लिए आज 21 जनवरी दो हजार सत्रह मानव श्रृंखला बनाए जाने का लक्ष्य राज्य सरकार ने तय कर रखा था...
दोस्तों जो बिहार में रहते हैं उन्हें सबों को यह ज्ञात होगा को बिहार में शराब बंदी के नाम पर एक राज्य सरकार के द्वारा धोखा दिया गया है....
पहले शराब यहाँ कलाली, ठेके पर मिलता था, और आज का कलाली, ठेका जिले में तैनात थाने के अंदर थानेदार द्वारा बेचा जाता है.....
आप मित्रों को यह भी ज्ञात करवा दूँ की अभी बिहार सरकार द्वारा पूर्ण रूप से शराब बंदी शायद कुछ को करोड़पति बना दिया जिसमे वो विधानसभा का सदस्य,पूर्व सदस्य कुछ महागठबंधन के सांसद और पूर्व सांसद भी शामिल है.....
आपको यह ज्ञात हो को बिहार विधानसभा के सदस्यों के आवास में रात्री दरवार भी लगता है जो की वहां का भोजन मटन,मुर्गा, के साथ दारु भी शामिल है....
जो लोग इस काम में शामिल हैं, शायद उन्हें यह काम इतना पसंद आया की सरकार के आला अधिकारी भी इन लोगों के साथ फ्री में बैठ कर पीने का काम करने लगे.....
मित्रों बिहार में शराब बंदी है और प्रत्येक दिन कहीं न कहीं दर्जनों बोतल शराब की बरामद हो रही है ...
आपको यह भी ज्ञात हो की थानेदार पकड़ते हैं सैंकड़ों बोतल और मीडिया में कहते हैं की दस बोतल ही मिला और बांकी के बचे बोतल को थाने में रख कर दलाल के माध्यम से बेचने का काम करवाते हैं.....
शायद यह पोस्ट कुछ को बुरा भी लगे लेकिन हकीकत भी यही है.....
बांकी आप सभी के सभी खुद समाझदार हैं... नाम नहीं लिख सकता लेकिन यह सत्य है.....
